अध्याय – 1 अर्थशास्त्र में सांख्यिकी

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 अर्थशास्त्र में सांख्यिकी

अध्याय – 1 परिचय 

अगर आपनेअपनी कक्षा में अर्थशास्त्र का विषय रखा है तो आप आधुनिक अर्थशास्त्र के प्रवर्तक एल्फ्रेड मार्शल को जान लीजिए| ये आधुनिक अर्थशास्त्र के प्रवर्तक है जिन्होंने अर्थशास्त्र को कल्याण संबंधित परिभाषा दि है|

 

☆ जब कोई व्यक्ति अपने और अपने परिवार की इच्छाओं एवं आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिन वस्तुओं एवं सेवाओं का उपभोग करती है उसे उपभोक्ता कहते हैं |

 

☆ जब कोई व्यक्ति अपने लाभ के लिए किसी वस्तु को अन्य व्यक्तियों के पास बेचता है, तो उसे विक्रेता कहते हैं |
जैसे-एक दुकानदार अपनी वस्तुओं को अन्य किसी दूसरे व्यक्ति के पास बेचता है|

 

☆ वह व्यक्ति जो अपने लाभ और अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वस्तुओ तथा सेवाओं का उत्पादन करता है उसे उत्पादक कहते हैं |
जैसे – किसान, टेक्सी ड्राइवर, डॉक्टर,कुली इत्यादि|

 

☆ वह व्यक्ति जो नौकरी करता है तथा दूसरे व्यक्ति के लिए काम करता है और उसे काम करने के बदले में वेतन दिया जाता है, तो उसे कर्मचारी कहते हैं |

☆ जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से भुगतान लेकर उसे सेवा प्रदान करती हैं, तो उसे नियोक्ता कहते हैं|
जैसे- डॉक्टर, बैंकर,टेक्सी चालक इत्यादि|

 

☆ अर्थिक क्रिया वह आर्थिक क्रिया है जिसमें मनुष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दुर्लभ साधनो के उपयोग में लाया जाता है|

● आर्थिक क्रिया का संबंध मनुष्य की जीवन के आम कारोबार से संबंधित है|

 ● जब कोई व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तथा समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तथा समाज के विभिन्न व्यक्तियों और समूहों में उपभोग वितरित करने के लिए इसका चुनाव कैसे करे इसी का अध्ययन अर्थशास्त्र में है|

 

☆ अर्थशास्त्र में सांख्यिकी
● किसी भी देश की आर्थिक तथ्यों को भली-भांति संख्याओं के रूप में जानना| इस प्रकार के आर्थिक तथ्यों को आँकडे भी कहते है|

 

☆ सांख्यिकी क्या है
● सांख्यिकी वह गणितीय है जिसमें आँकडो का संग्रहण,प्रदर्शन,वर्गीकरण और उसके आकलनों का विश्लेषण के माध्यम से डेटा का अध्ययन किया जाता है|

☆ दूसरे शब्द में सांख्यिकी गणित की वह शाखा है जिसके अंतर्गत हम आँकडो को संग्रह कर उसके गुणों के आकलन का अध्ययन करते हैं|

● सांख्यिकी एक गणितीय विज्ञान है जिसके अंतर्गत समुदाय से संबंधित आँकडो का संग्रह/अवयव/तंत्र और व्याख्या या स्पष्टीकरण को प्रस्तुत की जाती है|

 

☆ सांख्यिकी मात्रात्मक और गुणात्मक में

◇ मात्रात्मक डेटा :- मात्रात्मक डेटा वह है जिसमें उपलब्ध जानकारी को संख्याओ – आँकड़ों और आँकड़ों के रूप में क्रमबद्ध करता है|

◇ गुणात्मक डेटा :- गुणात्मक डेटा वह है जिसमें उपलब्ध जानकारी को विवरण,अवलोकन और तथ्यों के रूप में क्रमबद्ध किया जाता है|

● ऐसे बहुत से आधार है जिन पर इन दोनों श्रेणियां को समझा जा सकता है|

 

☆ सांख्यिकी क्या करती है
● सांख्यिकी एक ऐसा साधन है जिससे किसी आर्थिक समस्या को समझने में सहायता करती है इन विधियों की सहायता से किसी आर्थिक समस्या के कारणों को गुणात्मक एवं मात्रात्मक तथ्यों की सहायता से खोजने का प्रयास करती है|

● जब इस समस्या के कारणों का पता चल जाता है तब उससे निपटने की नीतियों का निर्माण करना आसान हो जाता है|

 

☆ सारांश :-

वर्तमान समय में गंभीर आर्थिक समस्याओं के बारे में जानकारी लेने के लिए सांख्यिकी की सहायता ली जा रही है |
जैसे:- निर्धनता, बेरोजगारी, बढ़ती जनसंख्या,मूल्यवृद्धि इत्यादि |

● इसके अलावा यह आर्थिक समस्याओं के समाधान में इन नीतियों के प्रभाव का मूल्यांकन करने में भी सहायक होती है|

● किसी भी तरह की आर्थिक समस्याओं का समाधान सांख्यिकी में पूरी सरलता से पता चल जाता है इसी प्रकार किसी भी चीज की आयत के विषय में स्पष्ट, दृष्टि से यह महत्वपूर्ण जानकारी सांख्यिकी के द्वारा ही प्राप्त की जाती है|

 

 

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